RCSM is Mother of Computer Literacy

जब कम्प्यूटर का प्रचलन मूख्य रूप से देश के संभ्रांत लोगों तक ही सीमित था, उस वक्त श्री संतोष कुमार अपने 21 वर्ष की युवा अवस्था में ही एक संकल्प लिया कि विज्ञान के इस वरदान को जन-साधारण तक पंहुचाना है। अपने इस संकल्प के मिशन को पूरा करने के लिए वर्ष 1995 में राष्ट्रीय कम्प्यूटर साक्षरता मिशन का की नीव विशाखापत्तनम् (आन्ध्र प्रदेश) से की गई । अत्यंत अल्प शुल्क, हिन्दी में पाठ्यक्रम, काश्मीर से कन्याकुमारी तक छोटे-छोटे शहरो ही नहीं बल्कि कस्बों तक कम्प्यूटर केन्द्र की स्थापना कराकर अबतक अपनी लोक कल्याणकारी नीतियों के कारण हजारों केन्द्रों के माध्यम से लगभग सात लाख नौजवान कम्प्यूटर शिक्षा प्राप्त कर देश के नवनिर्माण में अपना सक्रीय योगदान दे रहे है। अत्यंत अल्प शुल्क में गुणवता पूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा शहरों ही नहीं बल्कि कस्बों तक पहूचाने तक का यह सपना इतना आसान भी नहीं था लेकिन संतोष कुमार तथा उनके टीम के जज्बें, लगन और कड़ी मेहनत के बल पर आज आर.सी.एस.एम कामयाबी का अपना 17वाँ साल का सफर कर रहा है। आर.सी.एस.एम. की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके पद चिन्हों का अनुकरण करते हुए इसके नाम से मिलते जुलते अनेक संस्थान खोले गये। अतः आर.सी.एस.एम. को कम्प्यूटर साक्षरता अभियान की जननी कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगा। आर.सी.एस.एम. ने जो राह दिखाई वह नजीर बन गई। राष्ट्रीय कम्प्यूटर साक्षरता मिशन का अनुकरण देश में कई संस्थानों ने किया यह निश्चित ही सराहनीय कदम तब होता जब वे कम्पयूटर साक्षरता के क्षेत्र में काम करने का अनुकरण तो करते लेकिन उन संगठनों ने राष्ट्रीय कम्प्यूटर साक्षरता मिशन से मिलता जूलता नाम रखकर अपनी साख पर स्वयं ही प्रश्न चिन्ह खड़ा कर लिया । आज भी आम जनता किसी भी साक्षरता मिशन संस्थान को राष्ट्रीय कम्प्यूटर साक्षरता मिशन ही समझकर नामांकन लेतें है।

राष्ट्रीय कम्प्यूटर साक्षरता मिशन हमेशा से ही अपने गहन अनुभवों के आधार पर बनाये नये रास्ते पर ही चलने का काम किया है। 17 वर्षो का गहन अनुभव ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि और विशेषता है और हम अपने इसी अनुभव के बदौलत छात्रों को कम्प्यूटर शिक्षा कि जरूरत एवं किसी भी कम्प्यूटर केन्द्र को चलाने वाले संचालको की समस्या को सबसे बेहतर समझा है। तभी हमने केन्द्रों को प्रोफिट सेन्टर की बात को भी पहले उठाय है। अधिक दिनों का अनुभव ही किसी भी समस्या का बेहतन निदान हो सकता है । बाकी आज आई. टी. का जमाना है कॉपी और पेस्ट करके हमारे सामाधानों को बाजार में बेचने वालो की कमी नहीं है । कई साक्षरता मिशन अपनी फ्रेंजाइजी बॉट रहे है जो राष्ट्रीय कम्प्यूटर साक्षरता मिशन की प्रतिलिपी या फोटो कॉपी है । निर्णय आपको लेना है कि क्यों ना हम देश की पहली संस्थान का सदस्य बनकर ही कम्प्यूटर साक्षरता की सेवा को बेहतर बनाये रखने में सहयोग करें ।